त्‍यौहार-बिहार

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धनतेरस: समृद्धि आ आस्था के पावन पर्व

धनतेरस: समृद्धि आ आस्था के पावन पर्व धनतेरस, दीपावली से ठीक दू दिन पहिले आवे वाला पावन दिन ह। ई दिन न खाली सोना-चांदी खरीदे के परंपरा से जुड़ल बा, बल्कि धन्वंतरि भगवान के पूजा आ मइया लक्ष्मी के असीम आशीर्वाद के प्रतीक भी ह। हिंदू धर्म में धनतेरस के खास धार्मिक महत्त्व होला, ई […]

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दीपावली: आस्था, अपनापा आ सामाजिक मेलजोल के सबसे बड़का पर्व

दीपावली: आस्था, अपनापा आ सामाजिक मेलजोल के सबसे बड़का पर्व भोजपुरिया समाज में दीपावली: आस्था, अपनापा आ सामाजिक मेलजोल के सबसे बड़का पर्व दीपावली खाली रोशनी के त्योहार ना, ई भोजपुरिया समाज खातिर आस्था, अपनापा आ सामाजिक मेलजोल के सबसे बड़का प्रतीक मानल जाला। साल भर में जेतना त्योहार आवेला, ओह में एह त्‍यौहार के

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छठ पूजा के महत्त्व

छठ पर्व के महत्त्व छठ पर्व पूर्वांचल, बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश समेत पूरा देश में आस्था, शुद्धता और सूर्य उपासना के प्रतीक हउवे । ई पर्व भगवान सूर्य देव और छठी मईया के समर्पित होला।लोकविश्वास अनुसार सूर्य देव जीवन, ऊर्जा और समृद्धि के दाता हई। छठ पर्व के माध्यम से भक्त लोग सूर्य देव

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दीपावली – उजियार के पर्व, अपनापन के एहसास

दीपावली – उजियार के पर्व, अपनापन के एहसास दिवाली यानी दीपावली, उजियार आ खुशियन के त्योहार ह। ई भोजपुरिया संस्कृति में सबसे बड़का पर्व मानल जाला। अइसन मानल जाला कि जब भगवान श्रीराम चौदह बरिस के बनवास काट के अयोध्या लौटल रहस, तब पूरा नगर के लोग दीप जला के उनका स्वागत कइले रहले। ओहि

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