भोजपुरी भाषा के मान, सम्मान आ ओह पर गर्व
भाषा इन्सान के सभसे बड़हन ताकत हवे। ई सिरिफ विचार, भावना आ अनुभव के आदान-प्रदान के जरिया ना हा, बलुक ई आदमी के असली पहचान हवे। हर आदमी के आपन मातृभाषा ओकरा आत्मा के आवाज होला, ओकरा में संस्कार, संस्कृति, इतिहास के जड़ के प्रतीक होला।
भोजपुरी भाषा एही माने में एगो अमूल्य धरोहर हवे। ई हमनीके आपन माटी, आपन लोग, आपन संस्कृति से जोड़े के काम करेले। जइसे जड़ से पानी मिलेला त बूट फुलफुला के फरेला, ओइसहीं भाषा से आदमी के पहचान आ आत्मगौरव जिन्दा रहेला।
🌿 भोजपुरी – आत्मगौरव के भाषा
आजु के समय में, लोग अक्सर अंग्रेजी बोलल आ सीखला पर गर्व करेले। अंग्रेजी जानल कवनो खराब बात नइखे, बाकिर ई भी साँच हवे कि अपन मातृभाषा के भुलावल आत्मा के पहचान भुलावल के बराबर हवे। जवन समाज आपन माई भाषा भुला देला, ऊ धीरे-धीरे आपन पहचान आ संस्कार भी गँवा देला। भाषा से बड़ पहचान के अउर कवनो चिन्ह नइखे। जब आदमी आपन मातृभाषा में सोचेला, तब ओहमें रचनात्मकता आ स्वतन्त्रता के भाव जागेला।
🌸 आपन भाषा बोलल – गर्व के बात होला
भोजपुरी बोलल के मतलब पिछड़ल होखल ना ह, ई त गर्व के निशानी ह।हमनीके पुरखा लोग ई भाषा में गीत गवले, कविता लिखले, लोककथा गुनगुनवले। “बिदेसिया”, “नकटा”, “कजरी”, “छठ गीत” – सभे भोजपुरी के आत्मा हवे। ई भाषा में जेतना अपनापन बा, ओतना मिठास अउरी कहीं ना मिलेला।
आजु भी जब गाँव के अँगना में कवनो “ए बहिना, चलs अँजोरिया बटोरि आवीं” कहेला, त उ बोल मन के भीतर तक गूँज जाला। भोजपुरी में भावना के जवन गहराई बा, उ आउर कवनो भाषा में ढूँढ़ल मुश्किल बा।
🔥 भाषा पर गर्व – बोलले भर ना, अपनावे में बा
अपन भाषा पर गर्व के मतलब खाली ओहमें बोलल भर नइखे। ईहो भी जरूरी बा कि हमनी आपन भाषा के शिक्षा, मीडिया, साहित्य आ रोजगर में स्थान दिअीं जा। स्कूल, कॉलेज, आ ऑफिस में भोजपुरी के सम्मानित जगह मिलल बहुत जरूरी बा। जवने दिन भोजपुरी में पढ़ाई आ परीक्षा आम बात बन जाई, उ दिन भोजपुरी बोले वाला लोग के आत्मविश्वास दूना बढ़ जाई।
आजु भी करोड़ो लोग भोजपुरी बोलेला, बाकिर अफसोस के बात बा कि हमनी खुदे ओहके ‘देहाती’ या ‘गँवई’ कह के नीचा देखेनी जा। अब समय आ गइल बा कि हमनी के आपन सोच बदलीं जा – भोजपुरी गर्व के भाषा ह, ना कि शरम के।
💬 भोजपुरी के विस्तार आ भविष्य
भोजपुरी आज दुनिया भर में बोलल जाला — नेपाल, मॉरीशस, सूरीनाम, फिजी, त्रिनिदाद, आ अमेरिका तक। भोजपुरी गीत अब YouTube पर करोड़ों लोग सुनेला, भोजपुरी फिल्म अब इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में देखावल जाला। ई सब भोजपुरी के बढत ताकत के सबूत हवे।
बाकिर जब तक हमनी के अपनी घरे में भोजपुरी के सम्मान ना देहल जाई, तबले एह भाषा के असली इज्जत ना बढ़ी। भोजपुरी में लिखे, पढ़े, सिखावे आ बोले के पड़ी – ई चारों जरिया से ही हमनी के आपन भाषा के जिन्दा राख सकत बानी जा।
🌼 अपन माटी, अपन भाषा – ई ह साँच गौरव
हमनीके हमेशा याद राखे के चाहीं कि आपन भाषा में बात करे में कबो कमजोरी ना होला। ई त हमनीके अापन माटी, अपन माँ, अपन गँवई आत्मा के पहचान हवे। जे अपना भाषा पर गर्व करेला, ऊ कहीं भी जाव, दुनियाँ के हर कोना में आपन पहचान बनावे में सफल हो जाला।
भोजपुरी खाली बोलेवाला लोग के ना, ई त एगो भावना ह — जवन हमनीके एक दूसरा से जोड़ेले। हमनीके चाहीं कि अपने घर-परिवार में, बचवन के साथ, अपने समाज में भोजपुरी के बढ़ावा देहल जा। ई भाषा के आगे बढ़ावल मतलब आपन संस्कार आ पहचान के जिन्दा राखल हवे।
✨ निष्कर्ष – आपन भाषा आपन गौरव
भाषा पर गर्व करे के मतलब खाली ओहमें बोलल ना, बलुक ओकरा के अपन जिनगी में उतारल हवे। भोजपुरी हमनीके हृदय के भाषा ह, ओकरे में सादगी, मिठास, अपनापन आ जीवंतता बसल बा।
आखिर में बस ई कहल जा सकेला कि —
“जे आपन भाषा से प्रेम करे ला, ऊ अपना असली रूप से प्रेम करे ला।”
चलS, अब गर्व से कहीं जा– हम भोजपुरी बानी, हमनीके भाषा – हमनीके आन-बान-शान हवे। जय भोजपुरी ।। जय भारत।।
